राष्ट्रीय बालिका दिवस: पौड़ी में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बालिका सशक्तिकरण पर जोर

 

।। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ।।

जिला परिवीक्षा अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल के निर्देशन में राष्ट्रीय बालिका दिवस दिनांकः 24 जनवरी 2025 के अवसर पर जिले के विभिन्न विकासखंडों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकासखण्ड पौड़ी, कोट, पाबौ और खिसू में आयोजित किया गया था, जिनमें बालिकाओं के सशक्तिकरण, उनके अधिकारों, शिक्षा में सुधार और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्यः

राष्ट्रीय बालिका दिवस के इस विशेष अवसर पर बालिकाओं को समाज में जागरूक अवधारणाओं से अवगत कराना था। इस दौरान बालिका सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, साथ ही बालिका शिक्षा के सुधार, स्वास्थ्य सुरक्षा, पोषण, बाल अधिकारों, गुड टच बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जे.जे. एक्ट, बाल संरक्षण सेवाएं, बालिका शिक्षा के विकास के उपाय और योजनाओं पर कार्यशालाएं आयोजित की गई।

कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के माध्यम से बालिकाओं के योगदाने और उनकी भूमिका को पहचानने की कोशिश की गई। समाज में कन्याओं के प्रति मौजूद अवधारणाओं और मान्यताओं को सुधारने के लिए विशेष जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन

इस कार्यक्रम का संचालन जिला बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों में छात्रों ने रैलियों, भाषण, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी, और वीडियो प्रस्तुतियों के माध्यम से बालिका सशक्तिकरण और शिक्षा में सुधार पर जागरूकता फैलाई।

कार्यक्रम में की गई प्रमुख गतिविधियाँः

बालिका सशक्तिकरण पर कार्यशाला

कार्यशाला में विभिन्न रिसोर्स पर्सन्स ने बालिका सशक्तिकरण के महत्व और समाज में उनकी भूमिका पर चर्चा की। विशेष रूप से बालिका शिक्षा में सुधार और विकास के उपायों पर भी गहन विचार विमर्श हुआ।

प्रभात फेरी और जागरूकता रैली

विद्यार्थियों ने प्रभात फेरी और जागरूकता रैलियां निकालीं, जिनमें उन्होंने बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के महत्व पर संदेश दिए। यह रैलियां विद्यालयों के आस-पास के क्षेत्र में आयोजित की गईं, जिससे स्थानीय समुदाय को भी जागरूक किया गया।

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

बच्चों ने बालिका शिक्षा और अधिकारों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी में भाग लिया, जिससे उन्हें और उनके साथियों को इन मुद्दों पर जानकारी प्राप्त हुई।

भाषण और वीडियो प्रस्तुतियाँः

विद्यार्थियों ने बालिका शिक्षा और समाज में उनके योगदान पर भाषण दिए और वीडियो प्रस्तुत किए, जिनमें बालिकाओं को सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

प्रमुख रिसोर्स पर्सन्स और उनके द्वारा प्रस्तुत विषयः

 

विकासखंड पौड़ी

श्रीमती सरिता लिंगवाल (सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन), श्री सुशील नौटियाल (सदस्य, बाल कल्याण समिति) एवं प्रियंका नेगी (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन)

 

विकासखंड कोट

श्री राकेश चंद्रा (सदस्य, बाल कल्याण समिति), श्री गणेश बलोदी (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन), श्री अमन कुमार (काउंसलर चाइल्ड हेल्पलाइन), श्रीमती शंकुन्तला नयाल (सामाजिक कार्यकर्ता), नन्दनी (समाजशास्त्र से पी.ए.डी.) विकासखंड पाबौ

श्रीमती प्रज्ञा नैथानी (संरक्षण अधिकारी, बाल संर श्रीमती लक्ष्मी रावत (केन्द्र प्रशासिक, वन स्टॉप सेंटर, पौड़ी), श्वेता कठैत (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन)

विकासखंड खिर्स

श्री सागर लिंगवाल (संरक्षण अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई), श्री अशोक बौड़ाई (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति), लूसी कुमारी (समाजशास्त्र से पी.एच.डी.), प्रदीप अणथ्वाल (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन)

 

यह कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रम बालिका सशक्तिकरण, शिक्षा, और समाज में उनकी भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने का एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित हुआ। सभी नोडल अधिकारी, रिसोर्स पर्सन्स और विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

 

यह कार्यक्रम बालिका सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावी रहा, और सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि समाज में बालिकाओं की भूमिका और अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़े। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के तहत विभिन्न विकासखंडों में कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नोडल अधिकारियों और रिसोर्स पर्सन्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

बालिकाओं को आत्मनिर्भर और समाज में समान अधिकार प्राप्त करने के लिए जागरूक करना। इस विषय में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, और सुरक्षा पर फोकस किया गया। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। साथ ही समाज में बच्चों और विशेष रूप से बालिकाओं के लिए अवसरों के बारे में चर्चा की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और जे.जे. एक्ट, बालिका के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और जे.जे. एक्ट के तहत कानूनी उपायों के बारे में जानकारी देना। बच्चों को शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण से बचाने के लिए सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में जागरूक किया गया।